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लाहौर हवाई अड्डे पर भीषण आग: सभी उड़ानें रद्द, सैकड़ों यात्री फंसे

समाचार विवरण: पाकिस्तान के लाहौर स्थित अल्लामा इकबाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज सुबह भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी गंभीर थी कि एयरपोर्ट का पूरा संचालन ठप हो गया और सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गईं। सैकड़ों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। पाकिस्तान, जो पहले से ही आतंकवाद और आर्थिक संकट जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रहा है, अब इस घटना से एक नई चुनौती का सामना कर रहा है। एयरपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा पर इस तरह की घटना ने देश की आपातकालीन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले भी लगी थी आग यह पहली बार नहीं है जब अल्लामा इकबाल हवाई अड्डे पर आग लगी है। पिछले साल 9 मई को भी इसी एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटर की छत में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई थी, जिससे पूरा इमिग्रेशन सिस्टम ठप हो गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से पाकिस्तान की आधारभूत संरचनाओं की खस्ता हालत और लचर सुरक्षा प्रबंधन उजागर हो रहा है। यात्रियों का आक्रोश हवाई अड्डे पर फंसे यात्रियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की है। यात्री न केवल उड़ानों के रद्द होने से परेशान हैं, बल्कि आगजनी के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने पर भी सवाल उठा रहे हैं। कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें समय पर कोई सही सूचना या सहायता नहीं मिली। निष्कर्ष लाहौर हवाई अड्डे पर लगी इस भीषण आग ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इस घटना ने न केवल यात्रियों को परेशानी में डाला है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाया है। आग बुझाने के प्रयास जारी हैं, और देशभर की निगाहें अब इस पर टिकी हैं कि आखिर इस संकट से निपटने में पाकिस्तान सरकार कितनी सफल होती है।

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पाकिस्तान में भुखमरी की कगार पर एक करोड़ लोग, वर्ल्ड बैंक की चौंकाने वाली रिपोर्ट

World Bank Report on Pakistan Hunger Crisis:पाकिस्तान के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। वर्ल्ड बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश की आर्थिक स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 1 करोड़ लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच सकते हैं। ये आंकड़े पाकिस्तान की ग्रामीण आबादी को सबसे ज्यादा प्रभावित करेंगे। आर्थिक संकट ने गहराई भुखमरी की आशंका पाकिस्तान की सरकार जहां आर्थिक मोर्चे पर विफल होती नजर आ रही है, वहीं वर्ल्ड बैंक की इस रिपोर्ट ने आने वाले समय के लिए गंभीर चेतावनी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की सरकार बजट घाटा (Fiscal Deficit) नियंत्रित करने में नाकाम रही है। नतीजन, पाकिस्तान का ऋण और बढ़ने की आशंका है। प्रमुख फसलें भी संकट में, खाद्य संकट बढ़ने की आशंका वर्ल्ड बैंक ने यह भी बताया कि खराब मौसम की वजह से धान और बाजरा जैसी प्रमुख फसलें बुरी तरह प्रभावित होंगी, जिससे खाद्य उत्पादन में भारी गिरावट आएगी। इससे देश में अनाज की भारी कमी हो सकती है और इससे जुड़े लाखों लोग प्रभावित होंगे। गरीबी और बेरोजगारी दोनों में इजाफा तय रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि पाकिस्तान में गरीबी तेज़ी से बढ़ेगी। करीब 19 लाख लोग इस साल गरीबी रेखा के नीचे चले जाएंगे।साथ ही, देश में रोज़गार-से-जनसंख्या अनुपात सिर्फ 49.7% है, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि महिलाएं और युवा आज भी श्रम बाजार से काफी हद तक कटे हुए हैं। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु: निष्कर्ष: पाकिस्तान का आर्थिक संकट सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, यह आम जनता की रोज़मर्रा की जिंदगी को गहराई से प्रभावित कर रहा है। वर्ल्ड बैंक की यह रिपोर्ट केवल चेतावनी नहीं, बल्कि पाकिस्तान सरकार के लिए अलार्म बेल है। अगर जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो पाकिस्तान को सामाजिक और मानवीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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मेष राशि | Aries(जिनका नाम अ, ल, इ से शुरू होता है)शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 (चंद्र राशि अनुसार)

🔸 पॉजिटिव 🔸 नेगेटिव 🔸 व्यवसाय 🔸 लव लाइफ 🔸 स्वास्थ्य 🎨 भाग्यशाली रंग: लाल🔢 भाग्यशाली अंक: 9 अगर आप चाहें तो मैं इसका एक इंस्टा पोस्ट टाइप विजुअल कैप्शन भी बना सकता हूँ — बताइए? 4o You said: CREATE TITLE ChatGPT said: 🔥 मेष राशि का दैनिक राशिफल | 25 अप्रैल 2025 🔮(नाम के अक्षर: अ, ल, इ)

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इन स्टॉक्स ने बरसाया पैसा: शेयर बाजार की एक दिन की रैली में निवेशकों को मिले 6 लाख करोड़ रुपये

21 अप्रैल 2025 — सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए जबरदस्त रही। सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने नई ऊंचाइयों को छू लिया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में 6 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। 🏦 मार्केट में उछाल, निवेशकों की संपत्ति में 6 लाख करोड़ की बढ़त BSE में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 426 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले कारोबारी सत्र में 420 लाख करोड़ था। इस तेजी से पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन्स में निवेशकों को कुल 32 लाख करोड़ रुपये का फायदा हो चुका है। 📊 तेजी की वजहें: विदेशी निवेश और पॉजिटिव ग्लोबल संकेत इस जबरदस्त तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं: विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत 6% से अधिक की वृद्धि दर बनाए रखने वाला प्रमुख देश है। 🚀 टॉप गेनर्स: किन शेयरों ने दिया बंपर रिटर्न? Nifty टॉप गेनर्स: 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचने वाली कंपनियां: 📉 कुछ स्टॉक्स में गिरावट भी जहां अधिकतर स्टॉक्स में तेजी रही, वहीं कुछ दिग्गज कंपनियों में मामूली गिरावट भी देखने को मिली: 52 हफ्तों के निचले स्तर पर जाने वाले स्टॉक्स: 🔍 भारी ट्रेडिंग वाले स्टॉक्स वॉल्यूम के आधार पर टॉप ट्रेडिंग स्टॉक्स: 🔺 और 🔻 स्टॉक्स का हाल कुल 4,247 स्टॉक्स में: 📌 निष्कर्ष: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ और बाजार ने रिकॉर्ड ऊंचाइयों को छू लिया। यदि यही रुझान जारी रहता है, तो आने वाले सप्ताह निवेशकों के लिए और भी सुनहरा हो सकता है।

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अमेरिकी टैरिफ दबाव के बीच चीन के बदले सुर, भारत से मजबूत आर्थिक रिश्तों को लेकर उत्सुक

अमेरिका के बढ़ते टैरिफ दबावों के बीच चीन अब भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों में जुट गया है। भारत में नियुक्त चीनी राजदूत जू फेइहोंग ने कहा कि चीन अब भारतीय प्रीमियम उत्पादों का स्वागत करने को तैयार है और भारतीय कंपनियों को अपने विशाल उपभोक्ता बाजार में अवसर देने को इच्छुक है। चीन की ओर से दोस्ती का संकेत: राजदूत जू फेइहोंग ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि चीन और भारत के बीच व्यापारिक संबंध पारस्परिक लाभ और सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने कभी जानबूझकर व्यापार अधिशेष (Trade Surplus) का पीछा नहीं किया, बल्कि यह बाजार की स्थिति और आपूर्ति-सामर्थ्य पर निर्भर करता है। 📈 भारत के लिए नए अवसरों के संकेत: चीनी राजदूत ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हाल ही में ग्लोबल ट्रेड पर दिए गए भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि चीन में निवेश की विशाल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि चीन, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कंज़्यूमर मार्केट और सबसे बड़ा मिडल इनकम वर्ग रखता है, जिससे निवेश और उपभोग के बड़े अवसर बनते हैं। 🔍 मुख्य बातें: 🧭 निष्कर्ष: जहां अमेरिका के साथ टैरिफ को लेकर चीन की चुनौती बढ़ रही है, वहीं भारत के साथ संबंध सुधारने की दिशा में वह व्यापक आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देना चाहता है। भारत के लिए यह एक ऐसा अवसर हो सकता है जिससे निर्यात, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों में नई रफ्तार मिल सकती है।

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सोने की कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक ही दिन में ₹1,650 की भारी बढ़तGold Hits Record High at ₹98,100 per 10 Grams in Delhi, Soars ₹1,650 in a Single Dayसोने की कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक ही दिन में ₹1,650 की भारी बढ़त

सोने की कीमतों ने बुधवार को नई ऊंचाई छू ली। राष्ट्रीय राजधानी में 10 ग्राम सोने की कीमत ₹98,100 तक पहुंच गई, जो अब तक की सबसे ऊंची दर है। महज़ एक दिन में ₹1,650 की भारी बढ़त देखने को मिली। यह उछाल अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनावों और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ने के चलते आया है। गिरता डॉलर, बढ़ती वैश्विक मांग इस तेजी के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की बढ़ती मांग अहम कारण रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का रुझान अब सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहा है, जिससे सोने में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। कई बड़े बैंकों ने भी सोने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है, जिसके कारण गोल्ड-बैक्ड ईटीएफ और केंद्रीय बैंकों की खरीददारी में इजाफा हुआ है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 99.9% शुद्धता वाला सोना मंगलवार को ₹96,450 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो बुधवार को ₹98,100 हो गया। वहीं, 99.5% शुद्धता वाले सोने की कीमत भी ₹96,000 से बढ़कर ₹97,650 तक पहुंच गई। चांदी की कीमतों में भी उछाल चांदी की कीमतें भी पीछे नहीं रहीं। एक दिन में ₹1,900 की तेजी के साथ चांदी ₹99,400 प्रति किलोग्राम पहुंच गई, जो मंगलवार को ₹97,500 थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत $3,318 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची, हालांकि कुछ समय बाद यह गिरकर $3,299.99 हो गई। स्पॉट सिल्वर की कीमत भी करीब 2% बढ़कर $32.86 प्रति औंस तक पहुंच गई। न्यूयॉर्क में गोल्ड फ्यूचर्स $3,289.07 प्रति औंस के साथ अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। एमसीएक्स पर भी सोने ने छुआ नया रिकॉर्ड घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स ₹94,781 प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा, जो दिन के अंत में ₹94,768 पर बंद हुआ। इसमें ₹1,317 की बढ़त दर्ज की गई, और कुल 21,211 लॉट का ओपन इंटरेस्ट बना रहा। विशेषज्ञों की राय कोटक सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च एवीपी कायनात चैनवाला ने कहा, “अमेरिका द्वारा चीन पर टैरिफ 245% तक बढ़ाए जाने और महत्वपूर्ण खनिजों के आयात की जांच शुरू करने से व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है, जिससे सोने में जबरदस्त तेजी आई है।” अबांस फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ चिन्तन मेहता ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने की तेजी को और बल मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि फेडरल रिजर्व को महंगाई और आर्थिक वृद्धि दोनों को संतुलित करना पड़ रहा है, जिससे सोने को सपोर्ट मिल रहा है। निष्कर्ष तेजी से बदलते वैश्विक हालात, कमजोर डॉलर और निवेशकों की सुरक्षित संपत्तियों में दिलचस्पी के चलते सोने की कीमतें नए शिखर को छू रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी कुछ समय तक और जारी रह सकती है।

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वक्फ एक्ट: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यूज़र या अदालत द्वारा वक्फ घोषित संपत्तियों को नहीं किया जाएगा डिनोटिफाई, केंद्र ने जताई आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को वक्फ एक्ट से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि यूज़र के आधार पर या अदालत द्वारा वक्फ घोषित संपत्तियों को डिनोटिफाई नहीं किया जाएगा। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए इस पर विस्तृत सुनवाई की मांग की। 🔹 केंद्र से पूछा- क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों में शामिल होने दिया जाएगा? सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने केंद्र से यह भी सवाल किया कि क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की अनुमति दी जाएगी? साथ ही अदालत ने वक्फ कानून के लागू होने के बाद देश के कुछ हिस्सों में हुई हिंसा पर चिंता जताई और कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, जब अदालत इस तरह के संवेदनशील मामलों की सुनवाई कर रही हो। 🔹 सुनवाई जारी रहेगी 17 अप्रैल को कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अगली सुनवाई 17 अप्रैल 2025 को दोपहर 2 बजे निर्धारित की है। 🔹 वक्फ संशोधन विधेयक संसद से पारित गौरतलब है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को 3 अप्रैल को लोकसभा में पास किया गया था, जिसमें 288 सांसदों ने पक्ष में और 232 ने विरोध में वोट दिया। इसके बाद 4 अप्रैल को यह राज्यसभा में पारित हुआ, जहां 128 सांसदों ने समर्थन और 95 ने विरोध किया।

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अमेरिका का बड़ा कदम: चिप, दवाओं के आयात की जांच शुरू, जल्द टैरिफ बढ़ाने का फैसला संभव

अमेरिका ने वैश्विक व्यापार में एक अहम मोड़ लेते हुए कंप्यूटर चिप्स, दवा संबंधी उत्पादों और उन्हें बनाने वाले उपकरणों के आयात की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इस पहल का मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताओं को दूर करना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है। 🔍 तीन सप्ताह में जनता से मांगी गई राय अमेरिकी वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार देर रात संघीय रजिस्टर में नोटिस जारी किया, जिसमें बताया गया कि जांच के तहत सरकार तीन सप्ताह के भीतर जनता से प्रतिक्रिया मांगेगी। यह प्रक्रिया 1962 के व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के अंतर्गत की जा रही है, जो राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर आयात पर टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। 💬 ट्रंप ने दिए थे संकेत, टैरिफ योजना जारी हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन सहित अन्य देशों से आयात पर शुल्क बढ़ाने की योजना पर अस्थायी रूप से 90 दिनों की रोक लगाई है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि दवाओं, लकड़ी, तांबे और चिप्स पर शुल्क लगाने की योजना अभी भी प्रासंगिक है। 🛡️ राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू उत्पादन प्राथमिकता वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि यह जांच उन उत्पादों पर केंद्रित है जो कंप्यूटर चिप्स के निर्माण में उपयोग होते हैं — जैसे कि कार, रेफ्रिजरेटर, स्मार्टफोन, आदि में इस्तेमाल होने वाले हिस्से। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में अत्यधिक आयात राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। 🚗 ट्रंप ने वाहनों पर शुल्क टालने के दिए संकेत ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह वाहनों और उनके पुर्जों पर लगाए गए 25% शुल्क को अस्थायी रूप से टालने पर विचार कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे कार कंपनियों को आपूर्ति श्रृंखला समायोजित करने का समय मिलेगा। उन्होंने कहा, “मैं कुछ कार कंपनियों की मदद करने के बारे में सोच रहा हूं। उन्हें उत्पादन को कनाडा, मैक्सिको या अन्य जगहों पर ले जाने के लिए समय चाहिए।” 🏭 उद्योग जगत की प्रतिक्रिया अमेरिकन ऑटोमोटिव पॉलिसी काउंसिल के अध्यक्ष मैट ब्लंट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लक्ष्य से वे सहमत हैं, लेकिन व्यापक शुल्क से विकासशील वाहन उद्योग को नुकसान भी हो सकता है। 📉 बाजार पर असर ट्रंप के बयानों से अमेरिकी वित्तीय बाजारों में हलचल देखी जा रही है। वॉल स्ट्रीट पर मंदी की आशंका बढ़ रही है, क्योंकि व्यापार में अनिश्चितता का सीधा असर निवेश और उत्पादन पर पड़ता है। 📌 निष्कर्ष: अमेरिका का यह कदम सिर्फ आयात नीतियों में बदलाव नहीं है, बल्कि यह आने वाले चुनावों और आर्थिक रणनीतियों का भी संकेत है। इससे वैश्विक व्यापार, भारत सहित अन्य देशों के लिए भी नई चुनौतियाँ और अवसर पैदा हो सकते हैं।

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Petrol Pump Licence Rules: अब छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंप खोलने के लिए नहीं लेनी होगी राज्य की अनुमति, जानिए नया नियम

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने पेट्रोल पंप खोलने के इच्छुक व्यवसायियों को बड़ी राहत दी है। अब राज्य में पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट (Petrol Pump) खोलने के लिए राज्य सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य नहीं होगा। 14 नवंबर 2024 को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब केवल केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना पर्याप्त होगा। 🔁 क्या बदला है नियम में? पहले व्यवसायियों को पेट्रोल पंप खोलने के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य से क्रय-विक्रय लाइसेंस लेना पड़ता था। यह लाइसेंस हर वर्ष या तीन वर्षों में नवीनीकरण (Renewal) कराना पड़ता था, जिससे समय और धन की बर्बादी होती थी। अब यह राज्य स्तरीय बाध्यता खत्म कर दी गई है। इसका उद्देश्य दोहरी प्रक्रिया को हटाकर कारोबार को आसान बनाना है। ✅ व्यवसायियों को कैसे मिलेगा फायदा? 📈 राज्य और आम जनता को क्या लाभ? 🗣️ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान: “छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को व्यापार के लिए आकर्षक बनाना चाहती है। इस फैसले से व्यवसायियों को सहूलियत मिलेगी और प्रदेश के विकास को गति मिलेगी।” निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया को न केवल आसान बनाता है, बल्कि राज्य की आर्थिक मजबूती और ग्रामीण विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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