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गुजरात: शादी में आए मेहमानों को बांग्लादेशी समझकर उठाया, दस्तावेज़ दिखाने पर छोड़ा

अहमदाबाद:26 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई, जहां शादी समारोह में आए मेहमानों को पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक समझकर उठा लिया। मामला उस समय गरमाया जब फरज़ाना नामक महिला ने क्राइम ब्रांच कार्यालय के बाहर अपने मेहंदी लगे हाथ दिखाते हुए पूरी घटना को मीडिया के सामने रखा। फ़रज़ाना ने बीबीसी गुजराती से बातचीत में बताया, “हमारे घर में शादी थी और बारात आई हुई थी। घर छोटा होने के कारण कुछ बारातियों को चंदोला इलाके में एक रिश्तेदार के यहां ठहराया था। वहीं से पुलिस ने उन्हें ‘बांग्लादेशी’ समझकर हिरासत में ले लिया।” उन्होंने आगे कहा, “उठाए गए लोगों में मेरे बड़े भाई और भतीजे भी शामिल थे, जो अकोला, महाराष्ट्र से आए थे। बिना किसी जांच के उन्हें पकड़ लिया गया। हमें बताया गया कि पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा, लेकिन हम सुबह से रात 9 बजे तक भूखे-प्यासे क्राइम ब्रांच के बाहर बैठे रहे।” फ़रज़ाना ने दावा किया कि जब उन्होंने अपने भाई का जन्म प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज़ प्रस्तुत किए, तब जाकर रात 10:30 बजे उन्हें रिहा किया गया। यह घटना उस समय हुई जब गुजरात पुलिस ने ‘संदिग्ध प्रवासियों’ के खिलाफ अभियान चलाया था। फ़रज़ाना ने सवाल उठाते हुए कहा, “अगर कोई विवाद कश्मीर में है तो उसे वहीं सुलझाइए। अहमदाबाद में तो कोई विवाद नहीं, फिर हमारे मेहमानों को क्यों परेशान किया गया?” फ़रज़ाना ने बताया कि उनका परिवार वर्षों से अहमदाबाद के जीतू भगत की चॉल में रह रहा है और उनके सभी दस्तावेज़ सही हैं। प्रमुख बातें:

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पाकिस्तान में बढ़ा डर और गुस्सा: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के एक्शन से मचा हड़कंप

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के संभावित एक्शन को लेकर पाकिस्तान में खलबली मच गई है। देश की आंतरिक हालात और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर पाकिस्तानी नागरिक सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार को जमकर ट्रोल कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई पाकिस्तानी यूजर्स ने तंज कसा कि अगर भारत हमला करे तो “सुबह 9 बजे से पहले कर दे,” क्योंकि उसके बाद पाकिस्तान में गैस सप्लाई नहीं होती। एक अन्य ने व्यंग्य किया कि “आटा, पानी, भीख और अब गैस भी चली गई।”देश की खराब आर्थिक स्थिति को लेकर भी काफी नाराजगी जाहिर हो रही है। कई यूजर्स ने कहा कि “भारत एक गरीब देश से लड़ने का सोच भी नहीं सकता।” “यह दुख कब खत्म होगा भाई?” जैसे सवाल भी सोशल मीडिया पर गूंज रहे हैं, जो देश में फैले असंतोष और हताशा को दर्शाते हैं।यहां तक कि पाकिस्तानी एयरफोर्स को भी मीम्स के जरिए ट्रोल किया जा रहा है — एक यूजर ने तो मोटरसाइकिल पर बना एक नकली फाइटर जेट का मीम शेयर कर सरकार की तैयारियों का मजाक उड़ाया। निष्कर्ष:भारत के सख्त रुख ने पाकिस्तान में न केवल सरकार को बल्कि आम जनता को भी गहरी चिंता में डाल दिया है। सोशल मीडिया आज वहां सरकार के खिलाफ एक बड़ा असंतोष का मंच बन गया है।

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अत्याचारियों को सबक सिखाना हमारा धर्म है: पहलगाम आतंकी हमले पर मोहन भागवत का बड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश का माहौल है। इस बीच, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अत्याचार करने वालों को सबक सिखाना हमारा धर्म है। मोहन भागवत ने कहा, “हम कभी अपने पड़ोसियों का नुकसान नहीं करते, लेकिन यदि कोई गलत रास्ता अपनाता है तो राजा का कर्तव्य है कि वह अपनी प्रजा की रक्षा करे। रावण का वध भी उसके कल्याण के लिए ही हुआ था। यह हिंसा नहीं बल्कि सच्ची अहिंसा है।” भागवत ने जोर देकर कहा कि धर्म और अधर्म के बीच की यह लड़ाई हमें याद दिलाती है कि नफरत और दुश्मनी हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है, लेकिन चुपचाप अत्याचार सहना भी हमारी परंपरा नहीं है। “अगर ताकतवर हैं तो आवश्यकता पड़ने पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी करना चाहिए,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम ने रावण को सुधरने का अवसर दिया था, लेकिन जब वह नहीं सुधरा, तब उसका वध करना आवश्यक हो गया। उसी तरह आज हमें भी बुराई का अंत करने के लिए अपनी शक्ति का सही समय पर उपयोग करना होगा। देश में इस वक्त आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की मांग उठ रही है और मोहन भागवत का यह बयान इस भावना को और मजबूती देता है।

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गुजरात न्यूज़: 500 से अधिक कथित बांग्लादेशी हिरासत में, पुलिस की बड़ी कार्रवाई | जानिए पूरी कहानी

अहमदाबाद/सूरत | Gujarat News Update 2025:गुजरात में शनिवार सुबह पुलिस ने अहमदाबाद, सूरत और महिसागर जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 से अधिक कथित बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि ये लोग अवैध तरीके से भारत में प्रवेश कर गुजरात में रह रहे थे। पुलिस कार्रवाई का मक़सद क्या है? पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई के पीछे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया निर्देश बताए जा रहे हैं। शुक्रवार को अमित शाह ने सभी राज्यों को अपने इलाकों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों और अवैध प्रवासियों को चिह्नित कर वापस भेजने का आदेश दिया था। इसी के बाद गुजरात पुलिस ने तेजी से यह कदम उठाया। कहां-कहां हुई कार्रवाई? क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने कहा, “हमें गृह राज्य मंत्री, डीजीपी और अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर से अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश मिले थे।” उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल 2024 से अब तक दो एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी हैं, और 127 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 77 को निर्वासित किया जा चुका है। वायरल हो रहे वीडियो सोशल मीडिया पर हिरासत में लिए गए लोगों के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पुरुषों और महिलाओं को पुलिस काफिले के बीच चलते हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य स्थानीय इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। देशभर में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्ती जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए चरमपंथी हमले के बाद सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। इनमें पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और देश में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करना शामिल है।

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पहलगाम हमला 2025: सरकार ने मीडिया के लिए एडवाइज़री जारी की, डिफेंस ऑपरेशनों के लाइव कवरेज पर रोक

नई दिल्ली | Pahalgam Attack 2025 Latest News:पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने मीडिया संस्थानों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एडवाइज़री में कहा है कि कोई भी मीडिया प्लेटफॉर्म, समाचार एजेंसी या सोशल मीडिया यूज़र रक्षा और सुरक्षा अभियानों का लाइव कवरेज न करे। सरकार ने क्यों जारी की एडवाइज़री? सूचना मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए, रियल टाइम मूवमेंट या सुरक्षाबलों से जुड़ी कोई भी जानकारी प्रसारित करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।सरकार ने जोर दिया है कि मीडिया रिपोर्टिंग के दौरान मौजूदा नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। एडवाइज़री में क्या मुख्य बातें हैं? राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा अभियानों की प्री-मैच्योर जानकारी को राष्ट्रविरोधी ताकतें दुष्प्रचार के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे चल रहे अभियानों की सफलता पर असर पड़ सकता है और जवानों की जान को खतरा हो सकता है। सरकार ने सभी मीडिया हाउसेज से अपील की है कि वे इस संवेदनशील समय में राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें और हर खबर को प्रसारित करने से पहले पूरी सावधानी बरतें।

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बीजापुर में नक्सल ऑपरेशन का पांचवां दिन: IED ब्लास्ट में डीआरजी का जवान घायल, ऑपरेशन में अब तक 5 नक्सली ढेर

बीजापुर: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर जारी बड़े नक्सल ऑपरेशन के पांचवें दिन एक बड़ी घटना सामने आई है। सर्चिंग के दौरान गलगम से करेगुट्टा पहाड़ी की ओर बढ़ते समय डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) का एक जवान आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आ गया, जिससे उसके पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। जवान को तत्काल गलगम स्थित सीआरपीएफ कैंप में प्राथमिक उपचार देने के बाद हेलीकॉप्टर से बीजापुर अस्पताल भेजा गया। 🔥 ऑपरेशन की मुख्य बातें: 🚨 मैदान पर हालात: 🗣️ बड़ी प्रतिक्रिया: पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने नक्सल ऑपरेशन के बीच आदिवासी समुदाय के लिए राज्य सरकार से विशेष मांग की है। उनका कहना है कि “ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।” स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा बलों का हौसला बुलंद है। ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंकी जा रही है।

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पहलगाम हमला: मोदी सरकार की कश्मीर नीति पर उठते सवालों के बीच क्या कह रहे हैं जानकार?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया चरमपंथी हमले ने केंद्र सरकार की कश्मीर नीति पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने साल 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया था। इस ऐतिहासिक कदम के पीछे तर्क दिया गया था कि इससे आतंकवाद पर लगाम लगेगी और घाटी में शांति व विकास का नया युग शुरू होगा। अनुच्छेद 370 हटाने के पीछे सरकार की मंशा प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय अनुच्छेद 370 को ‘आतंक, भ्रष्टाचार और अलगाववाद को बढ़ावा देने वाला औज़ार’ बताया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि इससे जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा का लोकतंत्र मज़बूत होगा और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी। पहलगाम हमला – एक झटका? लेकिन अब, जब पहलगाम जैसे पर्यटक स्थल पर हमला होता है, तो यह सवाल उठता है कि क्या वास्तव में कश्मीर में सब कुछ सामान्य हो गया है? आतंकवादी गतिविधियों में कमी आई है या ये घटनाएं अब भी चुनौती बनी हुई हैं?जानकारों की राय में… राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि घाटी में शांति के प्रयासों के बावजूद, ‘स्लीपर सेल’ और सीमा पार से घुसपैठ जैसी चुनौतियां अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। पहलगाम जैसे हमले संकेत देते हैं कि उग्रवाद की जड़ें अभी भी मौजूद हैं और उन्हें खत्म करने के लिए केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और रणनीतिक बदलाव की ज़रूरत है। सरकार की नीति पर उठते सवाल पहलगाम हमले के बाद विपक्ष और नागरिक समाज के कुछ वर्गों ने केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि सबकुछ सामान्य होता तो पर्यटक स्थल तक सुरक्षित नहीं होते। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जिस स्थायित्व की बात की जा रही थी, वह कितना वास्तविक है? निष्कर्ष: पहलगाम हमला सिर्फ एक आतंकी घटना नहीं, बल्कि यह उस बहस को दोबारा जीवित करता है जो साल 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद शुरू हुई थी। क्या वाकई घाटी में स्थायी शांति लौट आई है? या अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है?

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एम्स रायपुर में पहली बार सफल स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट, अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में रचा इतिहास

Raipur, April 2025 — एम्स रायपुर ने अंग प्रत्यारोपण चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए न सिर्फ छत्तीसगढ़ में बल्कि नई एम्स संस्थाओं में पहली बार सफल किडनी पेयर डोनेशन (KPD) ट्रांसप्लांट किया है। यह मील का पत्थर उन लाखों मरीजों के लिए उम्मीद की किरण है, जो अंतिम चरण के गुर्दा रोग (ESRD) से जूझ रहे हैं और उनके पास जीवित लेकिन असंगत रक्त समूह वाले दाता होते हैं। 🔄 क्या होता है स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट? स्वैप या पेयर किडनी ट्रांसप्लांट उस स्थिति में किया जाता है जब कोई मरीज अपने रिश्तेदार से किडनी तो प्राप्त कर सकता है, लेकिन ब्लड ग्रुप या HLA असंगति के कारण ट्रांसप्लांट संभव नहीं होता। इस स्थिति में दो या अधिक जोड़े, जिनके बीच असंगति है, आपसी सहमति से अंगों का आदान-प्रदान कर सकते हैं ताकि संगतता सुनिश्चित हो सके। 👨‍⚕️ दो मरीजों की जिंदगी में लौटी उम्मीद इस प्रक्रिया के तहत बिलासपुर के दो ESRD मरीज, जिनकी उम्र 39 और 41 वर्ष है, पिछले तीन वर्षों से डायलिसिस पर थे। दोनों की पत्नियाँ किडनी दान देने के लिए आगे आईं, लेकिन ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने से प्रत्यारोपण संभव नहीं था। एक जोड़े का ब्लड ग्रुप B+ और O+ था, जबकि दूसरे का O+ और B+। एम्स रायपुर की टीम ने स्वैप ट्रांसप्लांट की योजना बनाई और 15 मार्च 2025 को दोनों सफल ऑपरेशन्स को अंजाम दिया गया। फिलहाल सभी मरीज और दाता ICU में निगरानी में हैं और स्वस्थ हैं। 💡 क्या बोले विशेषज्ञ? डॉ. विनय राठौर, ट्रांसप्लांट फिजिशियन ने कहा: “भारत में लगभग 40-50% किडनी दाता HLA या ब्लड ग्रुप असंगति के कारण रिजेक्ट हो जाते हैं। स्वैप ट्रांसप्लांट ऐसे मरीजों के लिए जीवनदायिनी प्रक्रिया है।” डॉ. अमित शर्मा, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष ने बताया: “इस प्रक्रिया के लिए महीनों की तैयारी, चार ओटी, चार एनेस्थेटिस्ट और चार ट्रांसप्लांट सर्जन की एक साथ व्यवस्था करना होता है ताकि दोनों ऑपरेशन्स एक साथ हो सकें।” 👩‍⚕️ स्वैप ट्रांसप्लांट टीम: 🏗 भविष्य की योजनाएं लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (से.नि.), कार्यकारी निदेशक एवं CEO, एम्स रायपुर ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि जल्द ही 20 बिस्तरों की रीनल ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू की जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ में ट्रांसप्लांट सेवाएं और बेहतर होंगी। उन्होंने अपील की कि गंभीर मरीज ही एम्स रायपुर आएं ताकि विशेषज्ञ टीम उनका सर्वोत्तम उपचार कर सके। 📌 नोट: हाल ही में 16 अप्रैल 2025 को NOTTO ने सभी राज्यों को स्वैप ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को लागू करने की सिफारिश की है, ताकि असंगत दाताओं के बावजूद भी मरीजों को जीवन रक्षक इलाज मिल सके।

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NEET पेपर लीक कांड: मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गिरफ्तार, दिलीप जायसवाल ने दी प्रतिक्रिया

पटना: 5 मई 2024 को हुए NEET (नीट) पेपर लीक कांड के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया को पटना पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार सरकार ने आरोपी पर ₹3 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तार किए जाने के बाद बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। 🔍 दिलीप जायसवाल की प्रतिक्रिया बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल ने कहा, “मुझे नहीं मालूम, लेकिन अगर वह पकड़ा गया है तो यह बहुत बड़ी और अच्छी बात है। जिस तरह से उसने देशभर में नीट परीक्षा के नतीजों में हेराफेरी की, ऐसे व्यक्ति को पकड़ा जाना चाहिए, उसकी गहन जांच होनी चाहिए और उसे सजा मिलनी चाहिए।” 👁️‍🗨️ लंबे समय से फरार था संजीव मुखिया EOU के ADG नैयर हसनैन खान ने बताया कि, “नीट एग्जाम के बाद से ही संजीव मुखिया हमारा सबसे बड़ा टारगेट था। गुरुवार देर रात हमें एक विशेष इनपुट मिला, जिसके बाद पटना के एक अपार्टमेंट में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया।” गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए ले गई है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। 🕵️‍♂️ संजीव मुखिया का आपराधिक इतिहास 📌 क्या है मामला? 📣 अभी क्या चल रहा है? 🔚 निष्कर्ष संजीव मुखिया की गिरफ्तारी को बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई की बड़ी सफलता माना जा रहा है। देशभर में हो रही परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी को देखते हुए यह कार्रवाई एक मजबूत संदेश देती है कि अपराधी चाहे जितना भी ताकतवर हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता।

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Pahalgam Terror Attack: शादी की सालगिरह पर कश्मीर घूमने गए कारोबारी की आतंकियों ने की हत्या, पत्नी-बच्चों के सामने घटी वारदात

📍 जगह: बैसरन घाटी, पहलगाम – जम्मू-कश्मीर 📅 तारीख: मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 🧨 आतंकी हमले की दिल दहला देने वाली घटना जम्मू-कश्मीर के पहुलेगाम में मंगलवार को एक आतंकी हमला हुआ, जिसमें रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरनिया की हत्या कर दी गई। हमले के वक्त दिनेश अपनी पत्नी नेहा, बेटे शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ शादी की सालगिरह मनाने बैसरन घाटी घूमने गए थे। 🔫 कैसे हुआ हमला? परिवार के अनुसार, सभी लोग घाटी में फोटो खिंचवा रहे थे तभी हथियारों से लैस कुछ आतंकी वर्दी में जंगल से बाहर निकले और हमला कर दिया। आतंकियों ने दिनेश को नाम पूछकर गोली मार दी, जबकि नेहा और बच्चों को स्थानीय दुकानदारों की मदद से भागने में कामयाबी मिली। 🧑‍✈️ गृहमंत्री अमित शाह ने जताया शोक हमले की सूचना मिलते ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू पहुंचे और आर्मी कैंप में पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने मृतक की पत्नी और बच्चों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और संवेदना प्रकट की। ✈️ शव और परिवार रायपुर रवाना रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के अनुसार, पीड़ित परिवार और मृतक का शव सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इंडिगो की फ्लाइट से रायपुर के लिए रवाना कर दिया गया है। बुधवार शाम 7 बजे तक उनके पहुंचने की उम्मीद है। 📖 भागवत कथा से शुरू हुआ था सफर दिनेश के चचेरे भाई मनीष सिंघानिया ने बताया कि परिवार जम्मू एक भागवत कथा में शामिल होने गया था। वहां से वे पर्यटन के लिए पहलगाम पहुंचे और यह भीषण आतंकी हमला हो गया। 🧒 बच्चों में गहरा सदमा, नेहा ने दी रिश्तेदारों को जानकारी पत्नी नेहा मिरनिया ने खुद रिश्तेदारों को फोन पर दिनेश की मौत की सूचना दी। उन्होंने बताया कि आतंकियों ने सिर्फ पुरुषों को निशाना बनाया। अब परिवार गहरे सदमे में है और बच्चे किसी से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। 🕯️ पूरा रायपुर शोक में डूबा इस घटना से पूरा रायपुर सदमे में है। स्थानीय नागरिकों और व्यवसायियों में आक्रोश और दुख है। सभी पीड़ित परिवार को न्याय और समर्थन की मांग कर रहे हैं।

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